कटनी जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां गढ़ जमीन पर अवैध कब्जों का प्लास्टर थमाने का नाम नहीं लिया जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित लाल पहाड़ी अब भू माफियाओं के लिए आकर्षण का केंद्र है।
मध्य प्रदेश के कटनी जिले के बरगमा क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग इन दिनों लाल पहाड़ी के पास स्थित है।
यह पहाड़ी है जो पूरी तरह से ज्वालामुखी भूमि मनी है, लेकिन अब धीरे-धीरे यह जमीन भू माफियाओं के व्यवसाय में नजर आ रही है।
लगातार यहां अवैध व्यवसाय किए जा रहे हैं और पक्के निर्माण भी तेजी से सेस्टेड हो रहे हैं। ग्रुप की बात यह है कि जिस रोड से रोजाना रेलवे अधिकारी और जिम्मेदार कर्मचारी के कर्मचारी जुड़े हुए हैं, उसी के किनारे हो रहे हैं इस गैंग के डायरेक्टर पर किसी की नजर नहीं पड़ रही है या यूं कहा जा रहा है।
“अगर ये चल रहा है तो कुछ ही समय में पूरी तरह से लाल पर्वत निजी लोगों के व्यवसाय में चला जाएगा… प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।”
स्थानीय लोगों का कहना है कि राजस्व विभाग के उद्योगपति और अनदेखी भू-माफियाओं के शेयर बाजार में हैं।
अब सवाल यह है कि प्रशासन इस पर क्या कार्रवाई करेगा या फिर रेड हिल पूरी तरह से निजी हाथों में चला जाएगा?
अवलोकन, यह देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले को नियुक्ति से हटा देता है।
क्या रेड हिल्स में व्यवसाय शुरू हो सकता है या फिर यह भी अवैध स्वामित्व वाली रजिस्ट्री होगी?
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